निलधर,ओज्यूँ रंग दे मेरी चुनड़ीयां
भरमल बीरो चुनड़ी रँगाई,बाई गवरां र दाय नहीं आई रे,
नीलधर, ओज्यूँ रंग दे,मेरी....
अला रंग दे,मेरा पला रंग दे,मेरे सिर पर
मोरिया की छाप रंग दे
,ओज्यूँ,रंग दे...
Bhajan that connects with spirituality...
श्री ओजी ओ मायड़ थारी याद म्हाने भौत सतावे जी कद बीत्यो,बचपन,युवापन, म्हाने हुयो नहीं आभास थारे,आँचल री छाया...
Aakhir Kyon भरमल बीरो चुनड़ी रँगाई बाई गवरां र
ReplyDeletePauranik Kathayen thank for artical