श्री
मोरिया,पंख फैलाकर तू तो नाच रे
म्हारे श्याम धणी को, कीर्तन होवे आज
मोरिया.....
मोरिया, बां के मुकुट में थारी पाँख रे
थारी पानख़डली ने ,सिर पर लीनी धार
मोरिया.....
मोरिया,थारी पाँखा री बनगी,मोर छड़ी
म्हारो सांवरियो हाथा में लिनी थाम
मोरिया......
मोरिया, नील बरन थारो सोवणो
नीली नीली रे,आभा में चमके श्याम
मोरिया.....
मोरिया नाचे भक्ता के मन को मोरियो
नाचे सारा भक्त भी,नाचे म्हारो श्याम
मोरिया.....
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