Bhajan that connects with spirituality...

राम जन्म का भजन

                            श्री 

चारों ललवा प्रगट भये आज,अवध में लडुवा बंटे 

चारों भैया प्रगट भये.....


लड़ुवा बंटे रे, ढ़ोल घुरे रे

झीणी झीणी उड़े रे गुलाल ,अवध में.....


बंदरवाल बंधावो मेरी बहना 

परदे लगाओ जरीदार,अवध में....


मोतीयन चौक पूरावो मेरी बहना

सुवर्ण कलश भराय,अवध में.....


केशर कस्तूरी की भर दो तलैया 

बरसादो मूसलधार,अवध में.....


गैया के दूध की खीर घुटावो 

ब्राह्मण जीमाओ अपार,अवध में.....


छठी पूजाओ, गीत सब गाओ

मोहरों की कर दो उछाल,अवध में...


तीनों माताओं को पीला ओढ़ाओ 

लूण ,राई लेवो ,ऊंवार,अवध में


राजा दशरथ जी से, माँगे बधाई

प्रगटे चारों कुमार,अवध में.....





No comments:

Post a Comment