श्री
थारी मुरली मनड़ो मोयो कान्हा
फेर तो बजायी थारी मुरली न
आ मुरली कामनगारी कान्हा
फेर तो बजाई थारी मुरली न
फेर तो बजाई कान्हा और तो बजाई
फेर तो बजाई थारी मुरली न
फेर तो बजाई......
ईय घर र थे मांयने बजाओ,मधुरी,मधुरी तान सुनावो
बैठ कदम्ब पर मुरली बजाओ
थोड़ी तो सुनावो थारी,मुरली न
फेर तो.....
आ मुरली मीरा बाई न मोही,
राणाजी न छोड़ मीरा थांरे संग होई
मेड़तियो छिटकायो कान्हा
और तो बजाई........
याद करे थाने नित री राधा
फागण मास आवण रा वादा
करियोडा कौल निभाओ कान्हा
फेर तो बजाई......
आंखडल्या फरुक म्हारी आवण, जावण
गायां रा ग्वाला थांरे रूप न संवारो
जन्म जन्म गुण गाऊं कान्हा
फेर तो बजाई.......
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