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देश प्रेमी

                              श्री 

देश प्रेमियों,आपस में प्रेम करो, देशप्रेमियों 

मेरे देश प्रेमियों,आपस में प्रेम करो देशप्रेमियों 


मीठे,पानी में ये ज़हर ना तुम घोलो

जब भी कुछ बोलो,ये सोच के तुम बोलो

भर जाता है गहरा घाव जो लगता है,गोली सें

पर वो घाव नहीं भरता जो, बनता है कड़वी बोली से

दो मीठे बोल कहो,

 देशप्रेमियों ,आपस में प्रेम.....


देखो ये धरती, हम सबकी माता है 

सोचो,आपस में,क्या अपना नाता है 

हम आपस में लड़ बैठे,तो देश को कौन संभालेगा 

कोई बाहर वाला,अपने घर से हमें निकालेगा

दिवानों होश करो 

देशप्रेमियों,आपस में.....


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