श्री
आज तो आनन्द म्हार ,कृष्ण आया आँगणा
कृष्ण आया आँगणा , किशोरी आया आँगणा
फूली फुली मैं फिरूं जी,फूल्या घर आँगणा
आज तो आनन्द......
(1) घर आंगण न ख़ूब सजावां,बंदरवाल बँधावणा
माणक ,मोत्या सु चौक पूरावां, गावां हरख बधावणा
आज तो आनन्द.....
(2) चन्दन चौकी ढाल, म्हारा कान्ह न बैठावणा
कुं कूं केशर तिलक लगाऊँ, फुलड़ा री माला पेरावणा
आज तो आनन्द.....
(3) केसरिया बागो पहराऊं, ईतर ख़ूब लगावणा
भांत भांत का खेल खिलौणा, चकरी,फिरकी ल्यावणा
आज तो आनन्द.....
(3) खीर खांड को जिमण,जिमाऊं, छप्पन भोग बणावणा
माखण ,मिश्री रो भरियो कटोरो,तुलसी घाल जीमावणा
आज तो आनन्द.....
(4) सुवरण झारी गंगाजल ल्याउं मोहन न पिलावणा
लॉन्ग इलायची रो बीड़ो बणाउं, नागर पान खिलावणा
आज तो आनन्द..…
(5) माणक ,मोत्या सु सज्यो पालणो, झोटा देर झुलावणा
हौले हौले पाँव दबावुँ,मीठा भजन सुणावणा
आज तो आनन्द.......
(6) श्याम मण्डल गोपाल क आयां,उत्सव ख़ूब मनावणा
"पुष्पा "नज़र लगे ना इनकी, लूंण राई उंवारणा
आज तो आनन्द...
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