श्री
म्हारा प्यारा रे गजानन्द आई ज्यो
रिद्धि सिद्धि न साथ लाई ज्यो जी
म्हारा प्यारा......
माँ पार्वती रा प्यारा,शिव शंकर राजदुलारा
थे बांध पागड़ी आई ज्यो जी
म्हारा प्यारा......
देवा सब सु पहली मनावाँ, लड्डूवन को भोग लगांवा
थे मूषक चढ़ कर आई ज्यो जी
म्हारा प्यारा....
थारे मुसे की असवारी,थाने ध्यावे दुनिया सारी
म्हारा बिगड़या काम सुधारो जी
म्हारा प्यारा......
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