श्री
शीश में रखड़ी, कान में कुण्डल,गले में नौसर हार जी
माथे पे बिंदली, नाक में नथली, नैणा में सूरमो सार जी
हाथां में चुड़लो, कमर कंदोलो, पग पायल झणकार जी
ओढ़ चुंदड़ी, सखियां रे संग, गज गामिनी सी नार जी
मेंहदी राच्या हाथां माहीं,सज्यो पूजा रो थाल जी
नीमड़ी माता की पूजा करण, चाले मदरी चाल जी
चांद देखकर, पिंडो पासां,मन में हरख अपार जी
सदा सवाई आई तीज माता,जीवे , बीर,भरतार जी

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