Bhajan that connects with spirituality...

Anurodh


                            श्री 

थारी चाकरी में चूक कोनी राखूँ म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने राखो जी 


तड़क उठ कर स्नान कराऊँ,छोटा छोटा झबला पीराऊं 

केशर तिलक लगाऊँ रे म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने......


बगिया जाकर तुलसी ल्याऊं,चुन चुन कलियाँ हार बनाऊं 

सुगन्धि सु खूब सजाऊं म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने....


घिरत घाल र सिरो बनाऊं,छाछ राबड़ी रो भोग लगाऊँ 

छोटा छोटा फलका जिमाऊँ रे म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने......

धोला धोला चावल रंधाऊं,हरिया मूंगा री दाल बनाऊं 

परवल री तरकारी बनाऊं म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने......


धोली गैया रो दूध मंगाऊं,केशर मिश्री घाल उकालू

छोटा छोटा प्याला सु पिलाऊं रे म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने.....


गद्दी ,तकिया पलँग बिछाऊ, खस खस रो पंखो लगवावु

धीरे धीरे पगल्या दबाऊं म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने.....

मीठा मीठा भजन सुनाऊँ म्हारा सांवरिया 

चाकर म्हाने.....


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