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सूतिसेज(संक्रान्ति के नेगचार) का बधावा


                                   श्री

रूनझुन रूनझुन सायबा,बैल जुता दयो जी

बैल जुतायर जास्यां बाप र जी


पेलो सरवरियो म्हारा,सुसराजी खिनायो जी

दूजो सरवरियो म्हारा बाप रो जी


दोन्या र बिचाळै सायबा,हुई रे तिसाई जी

हुक़्म करो तो जी धण पाणी पीवै जी


का धण पिवो ए गौरी,दूध पताशा जी

का धण पिवो जी डोडा एलची जी


नां तिस भाजे सायबा,दूध पताशा जी

नां तिस भाजे जी डोडा एलची जी


का तिस भाजे सायबा,जामण क जाया सूं

का तिस भाजे जी मोबी पूत सूं जी


जामण को जायो बीरो,चूनड़ी उड़ासी जी

मोबी को बायो जी जीमा बाजरो जी


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