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राधाष्टमी 2026 आरती


                                श्री

आरती प्रीतम प्यारी की ,कि बनवारी,नथवारी की


दोहन सर कनक मुकुट झलके

दोहन श्रुत कुण्डल भल हलके 

 दोहन  दृग प्रेम सुधा बरसे

शशिले बैन,रसीले नैन, गसिले सैन 

दोहुंन नैनन मन हारी की, कि बनवारी.....


दोहन दृग चितवन पर वारी 

दोहन लट लटकन छवि प्यारी

दोहुंन भौं भटकन अति प्यारी

रसन मुख पान, हंसन मुस्कान, दसन दमकान 

दोहूँनि बेसर छवि न्यारी की, कि बनवारी....


एक उर पीताम्बर पहरे 

एक उर नीलाम्बर लहरे

दोहुंन उर लड़ मोतिन छहरे

कंकनन खनक, किंकनी न झनक ,नूपुर नन भनक 

दुहुं न रुण झुण धुनि प्यारी की, कि बनवारी.....


एक सिर मोर मुकुट राजे

एक सिर चुनरी छवि छाजे 

दुहुं न सिर तिरछे भल भ्राजे 

संग बृज बाल, लाड़ली लाल,बांह गल डाल 

कृपालु दुहुं न दृग चारी की, कि बनवारी...



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