श्री
होली के लोकगीत
ओ ,कुंण खेल होळी फाग,ओ कुंण लाल दड़ी
बलराम खेल होळी फाग,कान्हूडो लाल दड़ी
टोरो दयो गिगनार,जमुना म जाय पड़ी
जमुना को ठंडो सो नीर,ल्यावो म्हारी लाल दड़ी
गुलाल दड़ी......
Bhajan that connects with spirituality...
श्री छम छम करती, अन्न धन भरती मैया लक्ष्मी पधारो म्हारे आंगणा मैया सागर के मंथन से आई आके,विष्णु जी को जाकर ...
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