श्री
अजमल जी रा कंवरां, भूलूं ना एक घड़ी
म्हारा रुणिचा रा राजा, भूलूं ना एक घड़ी
धोली धोली ध्वजा धणी र, देवरे फरुके
लागी नेजा री झड़ी, अजमल जी रा कंवरां.....
लीले लीले घोड़लिए पे, बैठा बाबो रामदेव
हाथों में फुलां री लड़ी, अजमल जी रा कंवरां.....
राम सरवरिय ऊपर, ऊबा म्हारा बाप जी
पगल्या में सोने री कड़ी,अजमल जी रा कंवरां.....
दूरा रे देशों सू बाबा,आवे थारे जातरी
दरगा में ख़बर पड़ी, अजमल जी रा कंवरां.....
धोले धोले धोरा ऊपर,बैठा बाबा रामदेव
मोतीयन थाल भरी,अजमल जी रा कंवरां......
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